श्रवण नक्षत्र: विवाह मिलान
27 नक्षत्रों में श्रवण 22वाँ नक्षत्र है; इसका स्वामी चंद्र है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग देव गण, वानर योनि, अंत्य नाड़ी और कंठ (गला) रज्जु के होते हैं।
| नक्षत्र स्वामी | चंद्र |
|---|---|
| राशि (चरण) | मकर 1–4 |
| गण | देव |
| योनि | वानर |
| नाड़ी | अंत्य |
| रज्जु | कंठ (गला) |
कन्या का नक्षत्र श्रवण हो तो — सबसे अच्छे मिलान
| वर का नक्षत्र | 10 पोरुथम | 36 गुण (अष्टकूट) | रज्जु |
|---|---|---|---|
| पूर्वा भाद्रपद | 7.5/10 | 22/36 | ✓ |
| चित्रा | 7/10 | 25.5/36 | ✓ |
| उत्तरा फाल्गुनी | 7/10 | 23.5/36 | ✓ |
| पुनर्वसु | 6.5/10 | 23/36 | ✓ |
| अश्विनी | 6/10 | 28/36 | ✓ |
| भरणी | 6/10 | 27/36 | ✓ |
| पूर्वाषाढ़ा | 6/10 | 23.5/36 | ✓ |
| ज्येष्ठा | 6/10 | 22/36 | ✓ |
| अनुराधा | 5.5/10 | 27/36 | ✓ |
| पुष्य | 5.5/10 | 26/36 | ✓ |
वर का नक्षत्र श्रवण हो तो — सबसे अच्छे मिलान
| कन्या का नक्षत्र | 10 पोरुथम | 36 गुण (अष्टकूट) | रज्जु |
|---|---|---|---|
| उत्तरा भाद्रपद | 7.5/10 | 29.5/36 | ✓ |
| चित्रा | 7.5/10 | 26.5/36 | ✓ |
| अश्विनी | 6.5/10 | 27/36 | ✓ |
| पूर्वा भाद्रपद | 6.5/10 | 24/36 | ✓ |
| उत्तराषाढ़ा | 6/10 | 26/36 | ✓ |
| पुष्य | 6/10 | 25/36 | ✓ |
| मृगशिरा | 6/10 | 24.5/36 | ✓ |
| उत्तरा फाल्गुनी | 6/10 | 24.5/36 | ✓ |
| पुनर्वसु | 6/10 | 24/36 | ✓ |
| अनुराधा | 5.5/10 | 26/36 | ✓ |
ध्यान से देखें (रज्जु / वेध / नाड़ी दोष)
कृत्तिकारोहिणीआर्द्राआश्लेषामघाहस्तस्वातीविशाखाश्रवणशतभिषारेवती
ये अंक हर नक्षत्र के मध्य चरण से निकाले गए हैं। राशि पर आधारित कूट चरण के अनुसार बदल सकते हैं — सटीक परिणाम के लिए दोनों का जन्म विवरण डालकर मिलान करें।
27 नक्षत्र
अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणीमृगशिराआर्द्रापुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातीविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वा भाद्रपदउत्तरा भाद्रपदरेवती