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धनिष्ठा नक्षत्र: विवाह मिलान

27 नक्षत्रों में धनिष्ठा 23वाँ नक्षत्र है; इसका स्वामी मंगल है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोग राक्षस गण, सिंह योनि, मध्य नाड़ी और शिरो (सिर) रज्जु के होते हैं।

नक्षत्र स्वामीमंगल
राशि (चरण)मकर 1–2, कुंभ 3–4
गणराक्षस
योनिसिंह
नाड़ीमध्य
रज्जुशिरो (सिर)

कन्या का नक्षत्र धनिष्ठा हो तो — सबसे अच्छे मिलान

वर का नक्षत्र10 पोरुथम36 गुण (अष्टकूट)रज्जु
मूल7.5/1029.5/36✓
स्वाती7.5/1021/36✓
कृत्तिका7/1030.5/36✓
रोहिणी7/1027/36✓
मघा7/1025.5/36✓
विशाखा7/1024.5/36✓
उत्तराषाढ़ा7/1018.5/36✓
शतभिषा6.5/1033/36✓
ज्येष्ठा6/1026/36✓
आर्द्रा6/1019/36✓

वर का नक्षत्र धनिष्ठा हो तो — सबसे अच्छे मिलान

कन्या का नक्षत्र10 पोरुथम36 गुण (अष्टकूट)रज्जु
विशाखा7/1024.5/36✓
शतभिषा6.5/1033/36✓
कृत्तिका6.5/1029.5/36✓
रोहिणी6.5/1026/36✓
पूर्वा भाद्रपद6/1028.5/36✓
मघा6/1024.5/36✓
स्वाती6/1021/36✓
आर्द्रा6/1019/36✓
ज्येष्ठा5.5/1025/36✓
श्रवण5.5/1019.5/36✓

ध्यान से देखें (रज्जु / वेध / नाड़ी दोष)

भरणीमृगशिरापुष्यपूर्वा फाल्गुनीचित्राअनुराधापूर्वाषाढ़ाधनिष्ठाउत्तरा भाद्रपद

ये अंक हर नक्षत्र के मध्य चरण से निकाले गए हैं। राशि पर आधारित कूट चरण के अनुसार बदल सकते हैं — सटीक परिणाम के लिए दोनों का जन्म विवरण डालकर मिलान करें।

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27 नक्षत्र

अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणीमृगशिराआर्द्रापुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातीविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वा भाद्रपदउत्तरा भाद्रपदरेवती