शुभ जातक मिलान करें

मूल नक्षत्र: विवाह मिलान

27 नक्षत्रों में मूल 19वाँ नक्षत्र है; इसका स्वामी केतु है। मूल नक्षत्र में जन्मे लोग राक्षस गण, श्वान योनि, आदि नाड़ी और पाद (पैर) रज्जु के होते हैं।

नक्षत्र स्वामीकेतु
राशि (चरण)धनु 1–4
गणराक्षस
योनिश्वान
नाड़ीआदि
रज्जुपाद (पैर)

कन्या का नक्षत्र मूल हो तो — सबसे अच्छे मिलान

वर का नक्षत्र10 पोरुथम36 गुण (अष्टकूट)रज्जु
उत्तरा भाद्रपद7.5/1025/36✓
पूर्वा फाल्गुनी7/1018/36✓
विशाखा6.5/1026/36✓
भरणी6.5/1020/36✓
पूर्वाषाढ़ा6/1027/36✓
स्वाती6/1022/36✓
चित्रा5.5/1026/36✓
मृगशिरा5.5/1022/36✓
अनुराधा5.5/1017.5/36✓
श्रवण5.5/1016/36✓

वर का नक्षत्र मूल हो तो — सबसे अच्छे मिलान

कन्या का नक्षत्र10 पोरुथम36 गुण (अष्टकूट)रज्जु
धनिष्ठा7.5/1029.5/36✓
विशाखा6.5/1027/36✓
उत्तरा भाद्रपद6.5/1024/36✓
भरणी6.5/1020/36✓
पूर्वा फाल्गुनी6.5/1018/36✓
चित्रा6/1027/36✓
मृगशिरा6/1023/36✓
पूर्वाषाढ़ा5.5/1027/36✓
श्रवण5.5/1017/36✓
कृत्तिका5/1019/36✓

ध्यान से देखें (रज्जु / वेध / नाड़ी दोष)

अश्विनीआर्द्रापुनर्वसुआश्लेषामघाउत्तरा फाल्गुनीहस्तज्येष्ठामूलशतभिषापूर्वा भाद्रपदरेवती

ये अंक हर नक्षत्र के मध्य चरण से निकाले गए हैं। राशि पर आधारित कूट चरण के अनुसार बदल सकते हैं — सटीक परिणाम के लिए दोनों का जन्म विवरण डालकर मिलान करें।

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27 नक्षत्र

अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणीमृगशिराआर्द्रापुनर्वसुपुष्यआश्लेषामघापूर्वा फाल्गुनीउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रास्वातीविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वा भाद्रपदउत्तरा भाद्रपदरेवती